भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए 1 से 7 सितंबर तक देश में चलेगा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह – Trending News in India

भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए कई स्तर पर तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन फिर भी भारत के कई इलाकों में अज्ञानता, लापरवाही वा जागरूकता के अभाव में लोग कुपोषण का शिकार हो रहे हैं और इसी को देखते हुए भारत में हर साल 1 सितंबर से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है ताकी लोगों को कुपोषण के विरुद्ध जागरूक किया जा सके।

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह योजना का मुख्य उद्देश्य है बच्चों को उचित पोषण आहार देने के लिए लोगों को जागरूक करना क्योंकि उचित पोषण ही बाल्यावस्था के दौरान बच्चों को अपने जीवन में आगे बढ़ने, विकास करने, सीखने, खेल कूद में भाग लेने और समाज में योगदान करने के योग्य बनाता है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस पोषण सप्ताह की योजनाओं को साझा करते हुए कहा की स्वास्थ्य और पोषण हमारी सरकार की प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं, समावेशी और नई भारत के निर्माण की खोज में स्वास्थ्य और पोषण सबसे प्रमुख क्षेत्र बना हुआ है।

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के तहत सरकार का लक्ष्य निर्धारित

  • राष्ट्रीय पोषण सप्ताह योजना के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इसका संचालन नीति आयोग के द्वारा किया जाता है।
  • भारत में 0-6 वर्ष के बच्चों में ठिगनेपन होने का चांस 34% रहता है जिसको 25% तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • राष्ट्रीय पोषण सप्ताह योजना के तहत जिन जिन संस्थाओ या संगठनों ने बच्चों में रक्त की कमी तथा पोषण की कमी में सुधार करने के लिए अपना विशेष योगदान दिया है उन्हे पुरुष्कार दिया जाएगा।
  • आगनवाड़ी कर्मियों को घर घर जाकर लोगों को कुपोषण के विरुद्ध जागरूक करना है, सही जानकारी जुटानी है और लिस्ट बनानी है और इस प्रोत्साहन के लिए उन्हें 500 रुपए दिया जाएगा।
  • इस मिशन के तहत भारत में जन्म के समय कम वजन वालें बच्चों में प्रति वर्ष 2% की कमी लाना है, यानी की इसका मुख्य उद्देश है महिलाओं, किशोरियों और छोटे बच्चों में कुपोषण को दूर करना है।

शरीर के लिए संतुलित और पोषण युक्त आहार जरूरी है

जैसे की एक कहावत है “आप वैसे ही बनते है जैसे आप खाते हैं” यानी की अगर आप जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं, विकास करना चाहते हैं तो उचित पोषण आहार लेना बहुत जरूरी है, उचित पोषण आहार लेने से हमारा शरीर ऊर्जावान रहता है, हमारी कार्य क्षमता बढ़ती है, उम्र बढ़ने का खतरा कम हो जाता है, कई सारी बीमारियां दूर हो जाती हैं और वही अगर आप उचित पोषण आहार नही लेंगे तो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी होने लगती है, जिससे कई सारी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और हमारी शारीरिक तथा मानसिक विकास बाधित होती है और उत्पादकता कम हो जाती है, इसलिए एक खुशहाल जीवन शैली के लिए उचित पोषण आहार लेना आवश्यक है।

पोषण युक्त भोजन के लिए कुछ विशेष जानकारी

एक अधयन के अनुसार अगर कोई व्यक्ति अस्वस्थ्य है तो उसे 21 दिन में स्वस्थ्य किया जा सकता है इसके लिए उसे पोषण युक्त आहार की जरूरत होगी, जैसे की ताजा भोजन खाएं, जब भी संभव हो तो कच्चे फल व सब्जियां खाएं क्योंकि पकाने से कई सारे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, और अगर सब्जियां पकाएं तो काटकर उन्हें नही धुलना चाहिए क्योंकि धुलने से भी कई पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं इसलिए सब्जियों को पहले धूल लें इसके बाद काटें, बाहर का खाना या फास्ट फूड जैसे पदार्थों का सेवन न करें, चीनी का सेवन से परहेज करें या फिर सीमित मात्रा में सेवन करें, सुबह उठकर पौष्टिक नाश्ता करें, रात के समय हल्का भोजन करें और हमेशा ताजा फल और सब्जियां ही खाएं।

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का इतिहास

भारत में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की शुरुआत खाद्य और पोषण बोर्ड द्वारा सन् 1982 में किया गया था, तब से लेकर लगभग चार दशकों से भारत में हर वर्ष सितंबर के पहले सप्ताह में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है, इस मिशन के तहत लोगों को कुपोषण के विरुद्ध जागरूक करना है और उन्हे उचित पोषण आहार लेने के लिए अवगत कराना है, राष्ट्रीय पोषण सप्ताह ने भारत में लोगों को उनके स्वास्थ्य और पोषण के बारे में विभिन्न तरीकों से जागरूक कराने का काम किया है।